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‘माटी के लाल’ जगदीप धनखड़ लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में मदद करेंगे : प्रधानमंत्री

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का राज्यसभा के सभापति पद पर कार्यभार संभालने के लिए स्वागत किया। उन्होंने धनखड़ को ‘किसान पुत्र’ और देश में लोगों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में ‘माटी के लाल’ जगदीप धनखड़ लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में मदद करेंगे।

राज्यसभा ने सभापति जगदीप धनखड़ का अभिनंदन किया। उपराष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के बाद जगदीप धनखड़ आज पहली बार राज्यसभा के सभापति पद पर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सदन की अध्यक्षता करने के लिए सभापति धनखड़ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आप जीवन में संघर्षों के बीच इस मुकाम पर पहुंचे हैं।

बुधवार को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं इस सदन और देश की ओर से सभापति को बधाई देता हूं। आप संघर्षों के बीच जीवन में आगे बढ़ते हुए इस मुकाम पर पहुंचे हैं, यह देश के कई लोगों के लिए प्रेरणा है। आप सदन में इस प्रतिष्ठित पद की शोभा बढ़ा रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारे उपराष्ट्रपति एक किसान पुत्र हैं और उन्होंने एक सैनिक स्कूल में पढ़ाई की है। इस प्रकार, वह जवानों और किसानों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं।”मोदी ने आगे कहा, “संसद का यह सत्र ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और जब भारत ने जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण कर चुका है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी आदरणीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी समुदाय से आती हैं। उनसे पहले, हमारे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समाज के हाशिए के तबके से थे और अब, हमारे उपराष्ट्रपति किसान पुत्र हैं। हमारे उपराष्ट्रपति को कानूनी मामलों की भी अच्छी जानकारी है।(हि.स.)

 

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