गांव की माटी से ग्लैमर तक: भोजपुरी सिनेमा की नायिकाओं का सफर

भोजपुरी सिनेमा भारतीय सिनेमा का वह हिस्सा है, जिसकी जड़ें गांव की माटी में गहरी पैठी हुई हैं। गंगा मईया तोहे पियरी चढ़ाइबो (1963) से शुरू हुई यात्रा कई दशकों तक पारिवारिक और सांस्कृतिक कहानियों की मिसाल रही। लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत तक यह इंडस्ट्री लगभग ठहराव की … Continue reading गांव की माटी से ग्लैमर तक: भोजपुरी सिनेमा की नायिकाओं का सफर