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जिलाधिकारियों को जनपदों में मौजूद दूसरे राज्यों के श्रमिकों की सूची अपर मुख्य सचिव गृह को उपलब्ध कराने के निर्देश

प्रदेश की सभी सीमाएं यथावत सील रहेंगी ,लाॅक डाउन को सख्ती से लागू करें, सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए ,कहीं भी कोई कार्यक्रम/आयोजन न हो, मास गैदरिंग न हो, क्योंकि इससे कोरोना संक्रमण फैलने की पूरी सम्भावना: मुख्यमंत्री

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, सी0एम0ओ0 को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे सभी अपने-अपने जनपदों में लाॅक डाउन को सख्ती से लागू करें। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश जनपदों द्वारा 25 मार्च, 2020 से लागू किए गए लाॅक डाउन के क्रियान्वयन में अच्छा कार्य किया गया है। परन्तु अभी इसमें बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अन्यथा लाॅक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से राज्य ने कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में जो सफलता पायी है, वह जरा सी चूक से निष्क्रिय हो जाएगी।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जिन जनपदों में लाॅक डाउन को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, वहां कोरोना संक्रमण के कम केसेज़ रिपोर्ट हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस स्प्रेड को रोकने के लिए जो कार्ययोजना बनायी गयी है, सभी जनपद उस पर कार्य करेंगे। अभी कोरोना संक्रमण के प्रति हम सब को पूरी सावधानी बरतनी है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के अधिकांश मामले तब्लीगी जमात के कारण फैले। तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों को चिन्हित करते हुए उन्हें क्वारंटीन किया जाए। उनकी टेस्टिंग भी की जाए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि अन्य राज्यों में मौजूद उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने से पहले इन्हें ठहराने के लिए शेल्टर होम्स की व्यवस्था कर ली जाए और प्रदेश पहुंचने वाले श्रमिकों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन करते हुए उनकी माॅनीटरिंग की जाए। इसके उपरान्त उन्हें होम क्वारंटीन के लिए भेजा जाए। साथ में, खाद्यान्न का पैकेट भी दिया जाए। शेल्टर होम्स में ठहराए जाने वाले श्रमिकों इत्यादि के लिए रहने-खाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, टाॅयलेट, पंखे, साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन इत्यादि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। अगले 02 माह के अंदर प्रदेश में 05 से 10 लाख श्रमिकों के लौटने की सम्भावना है। ऐसे में इनके लिए शेल्टर होम्स स्थापित कर वहां क्वारंटीन की व्यवस्था की जाए। बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्वारंटीन किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लोग क्वारंटीन से भागने न पाएं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में मौजूद दूसरे राज्यों के श्रमिकों की सूची अपर मुख्य सचिव गृह को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में कोविड संक्रमण से प्रभावित रोगियों के इलाज के लिए एल-1, एल-2 अस्पताल स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एल-3 अस्पताल भी प्रमुख जनपदों में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सभी एल-1, एल-2 अस्पतालों में प्रत्येक 04-05 बेड पर जम्बो आॅक्सीजन सिलेण्डर से मरीज को आॅक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एल-2 अस्पतालों में प्रत्येक 04-05 बेड पर वेण्टीलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने एल-3 अस्पतालों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण को पूरी गम्भीरता से लिया जाए।
मुख्यमंत्री  ने अस्पतालों की क्षमता विस्तार सुनिश्चित करने के साथ-साथ मेडिकल टीम के सभी सदस्यों को प्रशिक्षित करने और उन्हें पी0पी0ई0 और मास्क उपलब्ध कराते हुए उनके रहने और खाने की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोनो के संक्रमण से निपटने के लिए मेडिकल टीम की सुरक्षा बहुत अहम है। ऐसे में, मेडिकल टीम की अनदेखी करना दण्डनीय होगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा सी0एम0ओ0 को मेडिकल टीम की सुरक्षा, खानपान की व्यवस्था का पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जिन जनपदों में हाॅट स्पाॅट्स चिन्हित हुए हैं, वहां पर लाॅक डाउन पूरी सख्ती से लागू किया जाए। हाॅट स्पाॅट क्षेत्र में सिर्फ मेडिकल, सैनिटाइजेशन और डोर स्टेप डिलीवरी टीमों को ही जाने की अनुमति है। इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरी सेवाओं से जुड़े हुए जिन व्यक्तियों को पास निर्गत किए गए हैं, सिर्फ उन्हें ही आने-जाने में छूट दी जाए। सामान्य लोगों के लिए लाॅक डाउन सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने भोजन वितरण के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा जो गाइडलाइन लागू की गई है, उसका पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अनावश्यक बाजार न खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने सब्जी मण्डियां खुले मैदान में सोशल डिस्टेंसिंग लागू करते हुए लगाने के निर्देश दिए। सब्जी मण्डियों में बेतहाशा भीड़ इकट्ठी न हो।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि रमज़ान का महीना शुरू हो गया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सभी धर्म गुरुओं ने मुस्लिम भाइयों से घर पर ही रहकर नमाज़ वगैरह अदा करने की अपील की है। अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कोई कार्यक्रम/आयोजन न हो। मास गैदरिंग न हो, क्योंकि इससे कोरोना संक्रमण फैलने की पूरी सम्भावना है। उन्होंने कहा कि आगामी 30 जून तक किसी भी पब्लिक गैदरिंग की अनुमति न दी जाए। उसके बाद परिस्थितियों पर विचार करते हुए कोई भी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने फेक रिपोर्टिंग पर अंकुश लगाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री  ने विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि यहां मौजूद सभी मेडिकल स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही इमरजेंसी वाॅडर््स में आने वाले मरीजों की सबसे पहले कोरोना स्क्रीनिंग की जाए। डाॅक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स और अन्य स्टाफ को पी0पी0ई0, एन-95 मास्क दिए जाएं। उन्होंने जिलाधिकारियों, सी0एम0ओ0, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को विभिन्न अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं के संचालन के सम्बन्ध में आपस में विचार-विमर्श करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की आवश्यकता के मद्देनजर सभी बैंकों में सोशल डिस्टेंसिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोशिश की जाए कि पोस्टमैन की मदद से लोगों को धनराशि उनके घरों पर पहुंचा दी जाए। उन्होंने सभी जनपदों में पी0डी0एस0 के माध्यम से प्रभावी खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों को उनका निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। घटतौली जैसी शिकायतें मिलने पर सम्बन्धित लोगों के खिलाफ एन0एस0ए0 लगाते हुए सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उचित दर की दुकानों से खाद्यान्न वितरण के सम्बन्ध में कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन को प्रभावी बनाए रखने के लिए भी कहा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में अब तक 06 लाख लोग 14 दिन का क्वारंटीन कर घर जा चुके हैं और अब वे घर पर क्वारंटीन में हैं। इन लोगों के स्वस्थ होने पर इन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाए। राज्य सरकार द्वारा हर निराश्रित परिवार को 01 हजार रुपए का भरण पोषण भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कल से हरियाणा राज्य से आने वाले मजदूरों को 14 दिन के क्वारंटीन में रखने के निर्देश देते हुए कहा कि 14 दिन बाद जब इन्हें घर भेजा जाए तो इनके साथ खाद्यान्न का पैकेट भी भेजा जाए। उन्होंने क्वारंटीन से भागने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों/पुलिस अधीक्षकों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जनपदों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम से सम्बन्धित सभी गतिविधियों का स्वयं पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिए। हाॅट स्पाॅट की निगरानी यथावत चलती रहेगी, इसमें कोई छूट नहीं है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के तहत प्रदेश में जिन आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कहा गया है, वहां सोशल डिस्टेंसिंग मेन्टेन करते हुए कार्रवाई की जाए। मनरेगा के तहत जल संचयन, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, हैण्डपम्प बोरिंग, बड़ी परियेाजनाएं जैसे एक्सप्रेस-वे, हाइवे निर्माण कार्य, अन्य बड़े प्रोजेक्ट जिनमें पूरी टीम एक ही जगह पर मौजूद है, वहां सोशल डिस्टेंसिंग लागू करते हुए कार्य करवाना शुरू किया जाए। जो सेवाएं बहाल हो सकती हैं, उन्हें चालू किया जाए। ईंट, बालू, मौरंग, गिट्टी, सरिया, सीमेण्ट इत्यादि की सप्लाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई है। अतः इसकी सफलता के लिए हमें सारे प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सीमाएं यथावत सील रहेंगी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कच्ची शराब की बिक्री हर हाल में रोकी जाए। साथ ही, गोकशी की घटनाओं को भी रोका जाए। उन्होंने गोकशी में संलिप्त लोगों के खिलाफ एन0एस0ए0 लगाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 20 या उससे अधिक कोरोना पाॅजिटिव केस वाले 18 जनपदों में पर्यवेक्षण के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस तथा स्वास्थ्य अधिकारी नामित किए गए हैं। यह अधिकारी नामित जनपद में एक सप्ताह कैम्प कर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की कार्रवाई अपनी देखरेख में सम्पन्न कराएंगे। उन्होंने इन जनपदों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, सी0एम0ओ0 को इस टीम से पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर कोरोना से लड़ने में प्रभावी लीडरशिप दिखाई दे। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में जनता पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में लगभग 05 लाख निराश्रित गोवंश मौजूद हैं। अतः इनके लिए भूसा बैंक अभी से स्थापित कर लिया जाए। साथ ही, अन्य जानवरों को भी भोजन-पानी की व्यवस्था की जाए। सभी जनपदों के जिला प्रशासन यह प्रयास करें कि आगामी 03 मई, 2020 तक उनके क्षेत्रों में कोरोना को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सके, ताकि परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य हो सकें।
इस अवसर पर मुख्य सचिव  आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त  आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना  अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त  संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0  नवनीत कुमार सहगल, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा  रजनीश दुबे, पुलिस महानिदेशक  एच0सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री  एस0पी0 गोयल तथा  संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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