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गोंडा में जब सीएमएस ने कोरोना के 15 मरीज भर्ती होने की फैलाई अफवाह, डीएम ने की कार्रवाई

गोण्डा । उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला अस्पताल के सीएमएस की ओर से कोरोना को लेकर शनिवार को जारी एक सूचना से दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया। सुबह सीएमएस ने जिला अस्पताल में कोरोना के 15 मरीज भर्ती होने का पत्र जारी कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया।

शासन से जिला प्रशासन को फोन घनघनाए जाने लगे। बाद में पता चला कि सीएमएस ने स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगाने के लिए भ्रामक सूचना जारी कर दी। इसे लेकर डीएम डॉ. नितिन बंसल ने सीएमएस के खिलाफ पैनिक और अफवाह फैलाने को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। बाद में सीएमएस को खंडन का दूसरा पत्र जारी करना पड़ा।

शनिवार सुबह सीएमएस ने पत्र जारी किया कि जिला अस्पताल में कोरोना के 15 मरीज भर्ती है। इसे देखते हुए सभी डाक्टरों और स्टाफ की छुट्टी निरस्त की जाती है। उन्होंने यहां तक लिखा भर्ती मरीजों की देखभाल की जा रही है। पत्र के वायरल होते ही खलबली मच गई। दिल्ली और लखनऊ से फोन आने के बाद डीएम भी हड़बड़ा गए। तत्काल सीएमएस और सीएमओ तलब किए गए।

गोंडा में कोरोना के संदिग्ध मरीज भर्ती होने की सूचना पूर्णतः गलत है। जिला प्रशासन इसका खंडन करता है। गोंडा में एक भी संदिग्ध मरीज नहीं पाया गया ।

सीएमएस डा. अरुण लाल ने बताया कि छुट्टी पर रोक के लिए ऐसा पत्र जारी कर दिया था। इसे लेकर डीएम ने कड़ी आपत्ति की और उनके विरूद्ध कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है। स्पष्टीकरण भी मांगा है। बाद में सीएमएस ने संशोधित पत्र जारी कर खुद लिखा कि कोरोना मरीज भर्ती की सूचना भ्रामक थी।

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