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संसद में रक्षामंत्री ने दी हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जानकारी

कहा- आज शाम तक दिल्ली लाए जाएंगे सैनिकों के पार्थिव शरीर

नई दिल्ली । तमिलनाडु के कुन्नूर में हादसे का शिकार हुए एमआई-17 में देश के पहले सीडीसी जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 13 लोगों का निधन हो गया। बिपिन रावत वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में व्याख्यान देने जा रहे थे। उनका चॉपर लैंड करने से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जाएगा। कल यानी शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में हादसे के बारे में जानकारी दी।

राज्यसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि बिपिन रावत ने सुलूर एयरबेस से उड़ान भरी थी। चॉपर में सवार 14 लोगों में से 13 लोगों की मौत हो गई। राजनाथ सिंह ने बताया कि सबसे पहले स्थानीय लोगों को इसकी सूचना मिली। जनरल रावत अपने तय दौरे पर थे। बुधवार को 11.48 पर एमआई-17 हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने लगभग 12:08 बजे अपना नियंत्रण खो दिया। बाद में कुछ लोगों ने इस हेलीकॉप्टर को आग की लपटों में देखा। स्थानीय प्रशासन का एक बचाव दल पहुंच गया।

उस अवशेष से जितने भी लोगों को निकाला गया, उन्हें वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 14 में से 13 लोगों की मौत हो गई। वहीँ ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंगटन के मिलिट्री हॉस्पिटल में लाइफ सपोर्ट पर हैं। उनकी जान बचाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। राजनाथ सिंह ने बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका रावत समेत अन्य 11 सैन्य अधिकारियों की मौत पर संवेदना प्रकट की। रक्षा मंत्री के बयान के बाद सदन ने 2 मिनट का मौन रख मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि दी।

हादसे पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि वीरगति को प्राप्त हुए सीडीएस जनरल बिपिन रावत और अन्य जवानों का देश हमेशा ऋणी रहेगा, हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए सभी पदाधिकारियों के परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।

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