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सीबीएसई ने ‘अनुत्तीर्ण’ शब्द को ‘आवश्यक पुनरावृत्ति’ शब्द से बदलने का निर्णय किया

त्रिवेंद्रम क्षेत्र ने सर्वाधिक उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आज बारहवीं कक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। त्रिवेंद्रम ने 97.67 प्रतिशत उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ लगभग सभी क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, इसके पश्चात बेंगलुरु 97.05 प्रतिशत के साथ दूसरे और चेन्नई 96.17प्रतिशतउत्तीर्ण प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। परीक्षा में कुल 11,92,961 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से 10,59,080 छात्रउत्तीर्ण हुए। इस वर्ष का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 88.78 प्रतिशत दर्ज किया गया है जो पिछले वर्ष के उत्तीर्ण प्रतिशत की तुलना में करीब 5.38 प्रतिशत अधिक है।

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी 2020 से 30 मार्च 2020 तक आयोजित की जानी थीं। कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण, सीबीएसई को 19 मार्च 2020 से 30 मार्च 2020 तक 12 विषयों के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए 11 विषयों में होने वाली परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इन परीक्षाओं को 01 से 15 जुलाई 2020 तक फिर से आयोजित कराने का कार्यक्रम बनाया गया था।

अनिश्चितताओं और अभूतपूर्व स्थिति और छात्रों के स्वास्थ्य एवं हित को ध्यान में रखते हुए, भारत के उच्चतम न्यायालय ने 26 जून 2020 को आदेश पारित करते हुए परिणामों की गणना करने के लिए सीबीएसई की मूल्यांकन योजना को निम्नलिखित मानदंडों के साथ स्वीकृति दे दी:

मूल्यांकन योजना

  • 10वीं और 12वींदोनों कक्षाओं के छात्रों के लिए, जिन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं दी हैं, उनके परिणाम परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए गए हैं।
  • 3 से अधिक विषयों की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए, तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले विषयों में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर परीक्षाएं न होने वाले विषयों के लिए अंक प्रदान किये गए हैं।
  • केवल 3 विषयों की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए,दो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले विषयों में औसत के आधार पर परीक्षाएं न होने वाले विषयों के लिए अंक प्रदान किये गए हैं।
  • मुख्य रूप से दिल्ली में कक्षा 12 के ऐसे बहुत कम छात्र हैं, जो केवल 1 या 2 विषयों की परीक्षा में शामिल हुए हैं। उनके परिणाम परीक्षा में प्रदर्शित विषयों और आंतरिक/प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट में प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए गए हैं। इन छात्रों को उनकी इच्छानुसार अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए सीबीएसई द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इन छात्रों के परिणाम भी अन्य छात्रों के साथ ही घोषित किए जाएंगे। **

वैकल्पिक परीक्षा के लिए अवसर

  • जैसे ही परिस्थितियाँ केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित और तय दिशानिर्देशों के अनुकूल होती हैं, सीबीएसई 01 जुलाई से 15 जुलाई 2020 के बीच जिन विषयों की परीक्षा होनी थी उन विषयों के लिए एक वैकल्पिक परीक्षा का आयोजन करेगा।
  • जिन छात्रों के परिणाम मूल्यांकन योजना के आधार पर घोषित किये गये हैं,वह छात्र अगर चाहे तो अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए इन वैकल्पिक परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। जिन छात्रों ने इन परीक्षाओं को देने का विकल्प चुना था, उनके लिए इन वैकल्पिक परीक्षाओं में प्राप्त अंकों को निर्णायक माना जाएगा।

** हालांकि, उपरोक्त मानदंडों के आधार पर, 400 छात्रों के परिणामों की गणना नहीं की जा सकती है और इसलिए, उनके परिणामों की घोषणा आज नहीं की जाएगी।

वैकल्पिक परीक्षाओं का आयोजन

योग्य छात्रों से विकल्प जानने और वैकल्पिक परीक्षाओं की तिथियों को भारत सरकार से परामर्श के बाद घोषित किया जाएगा।

कम्पार्टमेंट परीक्षा का आयोजन

सीबीएसई भारत सरकार से परामर्श के बाद में कम्पार्टमेंट परीक्षाओं की तिथि की घोषणा करेगी।

अनुत्तीर्ण‘ शब्द की जगह आवश्यक पुनरावृत्ति‘ शब्द का उपयोग

सीबीएसई ने ‘अनुत्तीर्ण’ शब्द को ‘आवश्यक पुनरावृत्ति’ शब्द से बदलने का निर्णय किया है। इसलिए, घोषित परिणाम में ‘अनुत्तीर्ण’ शब्द का उल्लेख छात्रों को दिए गए दस्तावेजों में नहीं किया जाएगा और परिणामों को वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

डिजिलॉकरमें प्रमाण पत्र

छात्र की डिजिटल मार्क शीट, पासिंग और माइग्रेशन सर्टिफिकेट, स्किल प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में भी उपलब्ध हैं। डिजिलॉकर खाते की जानकारी सीबीएसई के पास पहले ही दर्ज मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से छात्रों को भेज दी गयी है।

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