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ब्राह्मण ज्ञान क्षमा दया की प्रतिमूर्ति, हत्यारा नहीं

देवरिया । विकास दूबे के एनकाउंटर में मारे जाने से कुछ ब्राह्मण भाईयों में सरकार के प्रति काफी रोष है सोशल मिडिया के माध्यम से समाज के लोग सरकार से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कोई सरकार को ब्राह्मणों का हत्यारा बता रहा है तो कोई विकास दूबे एनकाउंटर को ब्राह्मणों के खात्मे की साजिश बता रहा है, लेकिन यही विकास दूबे किन किन ब्राह्मणों की हत्या कर कानपुर में अपनी दहशत कायम किया था कोई नहीं बता रहा है । आइए बताते हैं इस दुर्दांत अपराधी की कहानी, जिसने अपराध की दुनिया में अपने शिक्षक की हत्या कर कदम रखा, वो भी ब्राह्मण थे,और जिस डीएसपी को मारा क्या वो ब्राह्मण नहीं थे .

उक्त बाते भाजपा भलुअनी मण्डल के उपाध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा ब्राह्मण ज्ञानी ,दयालु, व क्षमाशील होता है हत्यारा नहीं, विकास दूबे के कारनामे को बताते हुए उन्होंने कहा कि कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। तीन जुलाई को विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इसके अलावा इस एनकाउंटर में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। विकास वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था।
इसके अलावा वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है।

विकास ने अपने भाई को मारने की साजिश जेल में बैठकर रची थी

वर्ष 2018 में विकास दुबे नें अपने चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला किया था। उसने माती जेल में बैठकर पूरे साजिश रची थी। अनुराग की पत्नी ने विकास समेत चार लोगों को नामजद किया था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की यूपी के चारों राजनीतिक दलों में पकड़ है। 2002 के जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं तब इसका सिक्का कानपुर नगर, बिल्हौर, शिवराजपुर, रिनयां, चौबेपुर में चलता था। इस दौरान उसने जमीनों पर अवैध कब्जा के साथ साथ गैर कानूनी तरीके से अकूत संपत्ति बनाया। जेल में बंद रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचायत का चुनाव जीत गया। अपराधी कोई भी हो उसकी कोई जाति नही होती है उसका कोई धर्म नही होता है। बसपा सरकार के एक कद्दावर नेता से उसकी नजदीकी जगजाहिर थी। इसी दौरान विकास ने अपना खुद का एक बड़ा गैंग भी खड़ा कर लिया था।अब तक उसके ऊपर 60 से ज्यादा मामले दर्ज हैं ।

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