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सैम पित्रोदा के बयान से भड़की भाजपा, कहा : कांग्रेस पूरी तरह बेनकाब हुई

सैम पित्रोदा के बयान से कांग्रेस ने पल्ला झाड़ा, कहा : यह पार्टी का विचार नहीं

नई दिल्ली । भारत में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। जहां मंगलसूत्र और संपत्ति को लेकर वार-पलटवार अभी थमा भी नहीं था। अब कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के अमेरिका के विरासत टैक्स पर दिए बयान पर बहस छिड़ गई। भाजपा ने उन्हें घेरते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां देश को बर्बाद करने वाली है। इस बीच कांग्रेस ने पित्रोदा के बयान से पल्ला झाड़ते हुए इसे उनका निजी बयान बताया है।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय बुधवार को कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को बर्बाद करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने भारत को बर्बाद करने का फैसला किया है। अब, सैम पित्रोदा धन पुनर्वितरण के लिए 50 फीसदी विरासत कर की पैरवी करते हैं। इसका मतलब यह है कि हम अपनी सारी मेहनत और उद्यम से जो कुछ भी बनाएंगे, उसका आधा हिस्सा छीन लिया जाएगा। 50 फीसदी हमारे द्वारा भुगतान किए जाने वाले सभी कर भी बढ़ जाएंगे, अगर कांग्रेस जीतती है।’

धन का बंटवारा माओवादी मनःस्थिति
केंद्रीय मंत्री और धारवाड़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘सर्वेक्षण करके धन का बंटवारा माओवादी मनःस्थिति है और वह नहीं चलेगा। इसमें कोई सामाजिक सुधार नहीं है। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के भाषण से दूरी बना रही है। यह काफी अव्यावहारिक है।’

कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो गई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘सैम पित्रोदा की टिप्पणी के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो गई है। सबसे पहले उनके घोषणापत्र में ‘सर्वेक्षण’ का जिक्र करते हुए, मनमोहन सिंह का पुराना बयान जो कांग्रेस की विरासत है- कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है और अब सैम पित्रोदा की अमेरिका का हवाला देते हुए टिप्पणी कि धन के वितरण पर विचार-विमर्श होना चाहिए। अब जब पीएम मोदी ने इस मुद्दे को उठाया तो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी बैकफुट पर है कि यह कभी उनका मकसद नहीं था। लेकिन आज सैम पित्रोदा के बयान ने देश के सामने कांग्रेस का मकसद साफ कर दिया है।’

उन्होंने कहा, ‘वे देश के लोगों की निजी संपत्ति का सर्वेक्षण करना चाहते हैं, इसे सरकारी संपत्ति में रखना चाहते हैं और यूपीए के शासनकाल के दौरान निर्णय के अनुसार इसे बांटना चाहते हैं। कांग्रेस या तो इसे अपने घोषणापत्र से वापस ले ले या स्वीकार करे कि यह वास्तव में उनका इरादा है। मैं चाहता हूं कि लोग सैम पित्रोदा के बयान को गंभीरता से लें। उनकी मंशा अब खुलकर सामने आ गई है, इसका संज्ञान लोगों को लेना चाहिए।’

कांग्रेस पार्टी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा पित्रोदा का बयान
वहीं, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सैम पित्रोदा का बयान वास्तव में कांग्रेस पार्टी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कांग्रेस लोगों के आभूषणों और संपत्ति का सर्वेक्षण कराने, अधिग्रहित करने और बांटने की चर्चा चल रही है। इसे ऐसे लोगों के बीच बांटा जाएगा, जिन्होंने हमेशा देश को बर्बाद किया है। हम इसकी निंदा करते हैं और आने वाले समय में देश की जनता कांग्रेस को इसका परिणाम जरूर दिखाएगी।’

सैम पित्रोदा ने यह कहा था
दरअसल सैम पित्रोदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अमेरिका के विरासत टैक्स का जिक्र कर रहे हैं। उनका कहना है, ‘अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को दे सकता है। 55 फीसदी सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। यह एक दिलचस्प नियम है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए। हालांकि पूरी नहीं, आधी ही। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।’

सैम पित्रोदा के बयान से कांग्रेस ने पल्ला झाड़ा, कहा : यह पार्टी का विचार नहीं

कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की तरफ से भारत में ‘विरासत टैक्स’ लगाए जाने की मांग वाले बयान से पार्टी ने ही पल्ला झाड़ लिया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि सैम पित्रोदा को खुलकर और आजादी से अपने विचार रखने का अधिकार है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि पित्रोदा के विचार किसी मुद्दे पर कांग्रेस का पक्ष हों। कई बार वे नहीं होते।

गौरतलब है कि इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने पीएम मोदी के संपत्ति के बंटवारे वाले बयान के बाद विरासत टैक्स को लेकर टिप्पणी से भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है। सैम पित्रोदा ने कहा, ‘अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को दे सकता है। 55 फीसदी सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। यह एक दिलचस्प नियम है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए। हालांकि पूरी नहीं, आधी ही। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।’

पित्रोदा के इसी बयान को लेकर जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “वे मेरे और दुनिया में कई लोगों के अच्छे मेंटर, दोस्त और मार्गदर्शक रहे हैं। पित्रोदा किसी भी मुद्दे पर अपनी राय को स्वतंत्रता के साथ रख सकते हैं। जाहिर तौर पर एक लोकतंत्र में लोगों को अपने निजी विचारों पर चर्चा करने और उन्हें रखने का अधिकार है। इसका यह मतलब नहीं कि उनका विचार हमेशा कांग्रेस का विचार दर्शाता हो। कई बार ऐसा नहीं होता है। उनके बयान को इस वक्त सनसनीखेज बनाकर चलाना और इसे परिप्रेक्ष्य से बाहर ले जाना पीएम मोदी के दुर्भावनापूर्ण चुनावी अभियान से ध्यान बंटाने की कोशिश है।”(वीएनएस)

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