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गंगा किनारे बसे शहरों में बनारस नंबर वन, स्वच्छ सर्वेक्षण में भी देश में स्थिति सुधरी

वाराणसी। गंगा नदी के किनारे बसे अन्य शहरों में बनारस सबसे स्वच्छ है और नंबर एक है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में गंगा टाउन की श्रेणी में बनारस को यह पुरस्कार मिला है। गुरुवार को नई दिल्ली में स्वच्छ महोत्सव के दौरान वीडियो क्रांफ्रेसिंग में शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने पुरस्कार दिया। इस दौरान लखनऊ में नगर विकास मंत्री के साथ वाराणसी की मेयर और अधिकारियों ने वर्चुअल पुरस्कार लिया। वहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 का परिणाम भी घोषित किया गया। इसमें भी बनारस की स्थिति देश में सुधरी है। पिछले साल बनारस का 70वां स्थान आया था। इस बार बनारस देश में 32वें पर आया है। प्रदेश में छठें स्थान पर बनारस का नाम है।
उत्तर प्रदेश के दो शहरों बनारस और शाहजहांपुर के अलग-अलग श्रेणियों में उत्कृष्ट शहर के रूप में चुना गया है। इन दोनों जिलों के प्रशासनिक व नगर निगम के अधिकारियों को लखनऊ में आमंत्रित किया गया था। मेयर, मंडलायुक्त और नगर आयुक्त वहां पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार गंगा किनारे शहरों के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने सात मानक तय किये थे। इसमें घाटों की सफाई, गंगा में गिर रहे नालों की संख्या, गंगा में कचरे की मात्रा, गंगा किनारे घाटों व गांवों में जल प्रदूषण को लेकर जागरूकता संदेश, घाटों पर हर 50 मीटर पर गीले और सूखे कचरों के लिए डस्टबिन, घाटों पर खुले में कूड़ा फेंकने के स्थलों की संख्या के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

सभी मानकों पर बनारस खरा उतरा है। इस श्रेणी में गंगा किनारे के केवल एक ही शहर को चुना जाना था। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि यह पुरस्कार बहुत महत्वपूर्ण है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में देश में भी बनारस की रैंकिंग सुधरी है। बनारस देश में 27 वां सबसे साफ सुथरा शहर है। जबकि पिछले साल बनारस 70 वें स्थान पर था। गुरुवार को स्वच्छ महोत्सव के तहत वर्चुअल आयोजन में शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने इसकी घोषणा की। वहीं प्रदेश में बनारस छठे स्थान पर है। देश में 12 वीं रैंक के साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने प्रदेश स्तर पर बाजीमारी है।

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