Uttar Pradesh

” जागरूकता के हथियार से करें कोरोना और दिमागी बुखार पर वार “

रामकोला सीएचसी पर प्रशिक्षित की गयीं आशा कार्यकर्ता

कुशीनगर । कोरोना तथा दिमागी बुखार से बचाव के संबंध में रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी विनय कुमार नायक ने कहा कि कोरोना तथा दिमागी बुखार को काबू में करने के लिए जागरूकता के हथियार से वार किया जाए, क्योंकि बचाव भी इन दोनों बीमारियों का बेहतर उपाय है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है, वहीं दिमागी बुखार का मौसम भी चल रहा है, ऐसे में दो बीमारियों से जन समुदाय को बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में जो-जो जानकारियां दी जा रही हैं उसके बारे में जनसमुदाव के बीच जाकर ठीक से बताना होगा ताकि लोग इन सावधानियों को अपना कर अपना और परिवार का बचाव कर सकें। बचाव हीं कोरोना और दिमागी बुखार को काबू में करने के लिए बेहतर हथियार है। जन समुदाय के बीच जाकर स्वयं की सुरक्षा के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का विशेष तौर पर पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि मच्छर जनित रोग मलेरिया, जेई/ एईएस, चिकनगुनिया, डेंगू आदि बीमारी लोगों को परेशान कर सकती है। इन बीमारियों से लोगों की प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकती है। इतना ही नहीं डेंगू और मलेरिया होने पर कोविड-19 खतरा बढ़ जाएगा। प्रशिक्षण में आशा कार्यकर्ता रीता मिश्रा, मंजू पासवान,रीना प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

कोरोना से बचाव के लिए बरतें एहतियात

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वह अपने अपने क्षेत्र में लोगों को बताएं कि कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो तत्काल नजदीक के सरकारी अस्पताल पर जाकर जांच कराएं तथा उपचार कराएं। कोरोना से बचने के लिए शारीरिक दूरी बनाकर रहें, माॅस्क का नियमित प्रयोग करें, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। सेनेटाइजर का प्रयोग करें तथा समय समय पर साबुन पानी से हाथ धुलते रहें।

मच्छरों से बचने के लिए क्या करें उपाय

-अपने आस-पास मच्छरों को पनपने न दें।
-दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
-मच्छरदानी का प्रयोग करें ।
-पूरी बांह की कमीज पहनें।
-पानी की टंकी पूरी तरह से ढंक कर रखें।
-घर के आसपास जलभराव न होंने दें।
-कुलर, गमलों की भी सफाई करते रहें।

संक्रामक रोगों से बचाव के अन्य उपाय

-नालियों में जलभराव रोकें। नियमित सफाई कराएं।
-सुअर बाड़ा आबादी से दूर रखें ।
-झाड़ियों की सफाई करते रहें ।
-इंडिया मार्का-टू हैंडपंप का पानी पिएँ।
-भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन पानी से ठीक से धोवें।

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