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कृषि उत्‍पादन देश की अर्थव्‍यवस्‍था की धुरी -तोमर

केन्‍द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने किसानों अपील की है कि वे खेती को एक लाभकारी कार्य बनाने के लिए खेत के प्रकार को ध्‍यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की फसलें उगाएं। देश के किसानों को एक पत्र में, श्री तोमर ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून की शुरुआत के साथ, कई जगहों पर फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है, और अन्य क्षेत्रों में प्रक्रिया जारी है। श्री तोमर ने अपने पत्र में कहा है कि वह किसानों से संवाद कर रहे हैं ताकि उन्हें उत्पादन बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्‍ठ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

इस बात की सराहना करते हुए कि यहां तक ​​कि देश में किसानों ने उद्योगों और व्यवसायों को प्रभावित करने वाले लॉकडाउन के कठिन समय के दौरान भी अपने कृषि कार्य को जिम्मेदारी और समर्पण के साथ पूरा किया है, केन्‍द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में, देश पिछले तीन महीनों से कोरोनावायरस संकट से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। रबी फसलों की कटाई और बिक्री की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो चुकी है। कृषि उत्पादन देश की अर्थव्यवस्था की धुरी बन गया है।

श्री तोमर ने अपने पत्र में, अनेक अच्छी कृषि पद्धतियों के बारे में लिखा है जैसे कि धान उगाने के सर्वोत्तम तरीके, जो खरीफ मौसम की मुख्य फसल है, खरपतवारों का नियंत्रण, जैव कीटनाशकों का उपयोग, जैविक खाद और वर्मीकम्पोस्ट, मेड़ों और नालियों में फसल रोपण की विधि, राइजोबियम बैक्टीरिया के साथ दालों के बीज का उपचार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार पोटाश और फास्फोरस के साथ नाइट्रोजन उर्वरकों का संतुलित उपयोग और सर्वोत्तम सिंचाई विधियों का उपयोग करना। मंत्री ने अपने पत्र में देश के विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से बताया है।

कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री ने कहा कि बेहतर फसल प्रबंधन कार्य प्रणाली को अपनाकर कृषि उत्पादन को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। पहले से योजना बनाना, सही निर्णय लेना और उन्हें खेत में लागू करना आवश्यक है। प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा दिए गए नारे – “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान”, को उधृत करते हुए श्री तोमर ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि और गांवों को केन्‍द्र में रखते हुए आत्मनिर्भर भारत की कल्पना की है। हमें खरीफ की भरपूर फसल सुनिश्चित करनी चाहिए। वर्तमान स्थिति में, किसान न केवल अपने कल्याण के लिए बल्कि पूरे देश के कल्याण के लिए कृषि उत्पादन को बढ़ाने की एक बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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