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कुलगाम मुठभेड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ

कुलगाम मुठभेड़ मील का पत्थर: स्वैन

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शनिवार को शुरू हुई दो मुठभेड़ों में दो और आतंकवादी मारे गए, जिससे मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।कुलगाम के मोदेरगाम और चिन्निगम गांवों में शनिवार को शुरू हुई मुठभेड़ों में एलीट पैरा यूनिट के लांस नायक प्रदीप कुमार और राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के सिपाही प्रवीण जंजाल प्रभाकर भी शहीद हो गये।जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आर आर स्वैन ने रविवार को कहा कि छह आतंकवादियों का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा ‘मील का पत्थर’ है क्योंकि इससे सुरक्षा माहौल मजबूत होगा।

उन्होंने कहा,“पुष्टि के अनुसार, दो अलग-अलग स्थलों पर मुठभेड़ हुई हैं और अब तक छह आतंकवादियों को मार गिराया गया है। ये सफल ऑपरेशन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बहुत सार्थक हैं… ये ऑपरेशन यह संदेश भी देते हैं कि लोग आतंकवाद के कारण और अधिक खून खराबा नहीं चाहते हैं।”पहली मुठभेड़ शनिवार को कुलगाम के मोदेरगाम गांव में हुई जब आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद बलों की संयुक्त टीमें इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चला रही थीं।

इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गये जबकि एक पैराकमांडो शहीद हो गया।खुफिया जानकारी के बाद इलाके की घेराबंदी के बाद चिनिगाम गांव में एक और गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गये और आरआर यूनिट का एक जवान शहीद गया।पुलिस सूत्रों ने कहा कि पहला आतंकवाद विरोधी अभियान बंद कर दिया गया है जबकि दूसरा अभी भी जारी है।पुलिस ने अब तक मारे गए छह उग्रवादियों की पहचान उजागर नहीं की है।इस बीच भारतीय सेना ने आतंकवादियों के साथ कार्रवाई में शहीद हुये दो सैनिकों के लिए श्रीनगर स्थित 15 कोर के बादामी बाग मुख्यालय में पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया।

कुलगाम मुठभेड़ मील का पत्थर: स्वैन

जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) आर आर स्वैन ने रविवार को कहा कि कुलगाम मुठभेड़ सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है और ये सफलताएं समग्र सुरक्षा माहौल को मजबूत करेंगी।कुलगाम जिले के मोडेरगाम गांव और फ्रिसल चिनिगाम में शनिवार को दो बैक-टू-बैक मुठभेड़ें हुईं और अब तक छह आतंकवादियों को मार गिराया गया है। इन मुठभेड़ों में सेना के दो जवान भी शहीद हो गए।डीजीपी ने रविवार को श्रीनगर में मीडियाकर्मियों से कहा, “…निस्संदेह यह सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है और ये सफलताएं सुरक्षा माहौल को मजबूत करने में मायने रखती हैं।”डीजीपी ने कहा, “ये सफल ऑपरेशन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बहुत सार्थक हैं… मूल रूप से और यह संदेश भी देते हैं कि लोग और अधिक हत्याएं नहीं चाहते हैं।

”उन्होंने कहा कि लोग शांति में विश्वास करते हैं और आतंकवाद को खत्म करने के लिए बलों का समर्थन कर रहे हैं।डीजीपी स्वैन ने कहा, “मैं समझता हूं कि लोग शांति में विश्वास करते हैं और… वे (लोग) नहीं चाहते कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कारण अधिक मानवीय क्षति हो।”पुलिस प्रमुख ने कहा कि ये ऑपरेशन सुरक्षा व्यवस्था के संकेत हैं और लोग इनपुट प्रदान करने के लिए आगे आ रहे हैं जिससे स्पष्ट है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने तार्किक निष्कर्ष पर है।डीजीपी ने कहा, “सफलता लगातार मिलेगी और आतंकवादी जो भी प्रयास करेंगे… जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य एजेंसियां ​​उनसे निपटेंगी और लोगों के सहयोग से आतंकवाद के खिलाफ युद्ध जीता जाएगा।

”कुलगाम मुठभेड़ों पर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी स्वैन ने कहा, ‘पुष्टि के मुताबिक, दो अलग-अलग जगहों पर मुठभेड़ हुई हैं और अब तक छह आतंकवादियों को मार गिराया गया है।’दोहरे मुठभेड़ों में शामिल आतंकवादियों की संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर, डीजीपी ने कहा, “हमें इन मुठभेड़ों में स्थानीय आतंकवादियों के भी शामिल होने की खबर मिली है।”जम्मू संभाग में चलाए जा रहे ऑपरेशनों को लेकर डीजीपी स्वैन ने कहा कि जम्मू संभाग में पुरानी चीज (आतंकवाद) को सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि ये घटनाएं 2006-07 के बाद हो रही हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि इसका मतलब ये नहीं कि दुश्मन को कोई बड़ी कामयाबी मिल गई है।

उन्होंने कहा, “अगर आज हम जम्मू, गोंडा, डोडा, उधमपुर, बसंतगढ़, बानी के बारे में बात करेंगे तो आप देखेंगे कि वहां आतंकवाद के पारिस्थितिकी तंत्र की कोई मौजूदगी नहीं है जो सेनाओं के लिए एक बड़ी सफलता है।”(वार्ता)

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