Uttar Pradesh

15 समूहों ने माॅस्क और सेनेटाइजर बना कर कमाया करीब चार लाख

कोरोना पर वार संग सवाँर रहीं परिवार-कोरोना काल में खुशहाली लाने को आधी आबादी निभा रही पूरी हिस्सेदारी ,समूह गठित कर एसआरएलएम की मदद से आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहीं महिलाएं .

महराजगंज । कोरोना काल में रोजगार के अभाव में जहाँ परदेश से प्रवासी अपने वतन को लौट आए हैं, वहीं महिलाएं समूह गठित कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अपनी हिस्सेदारी व जिम्मेदारी निभा रही हैं। जिले की 15 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने तो कोरोना काल के पांच माह में माॅस्क और सेनेटाइजर बनाकर करीब चार लाख रूपये कमा लिया है। इस तरह से वह कोरोना पर वार संग अपना परिवार भी सवाँर रहीं हैं। सदर ब्लाक की लखिमा थरूआ की जय माँ लक्ष्मी सहायता समूह तथा चौक बाजार की ज्ञान ज्योति स्वयं सहायता समूह जिले की 15 समूहों की नोडल समूह है।
इन समूहों की अध्यक्ष अमरावती तथा कांति देवी ने बताया कि उनके समेत कुल 15 समूहों ने 01 अप्रैल से 31अगस्त तक( कोरोना काल के पांच माह) कुल 90 हजार माॅस्क तथा 350 लीटर सेनेटाइजर तैयार कर करीब चार लाख रूपये कमा लिया। यह भी बताया कि प्रति माॅस्क 4 रूपये तथा प्रति लीटर सेनेटाइजर 80 रूपये की कमाई हो जाती है। परियोजना निदेशक राजकरन पाल ने बताया कि उक्त समूहों के अलावा जनपद में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ( एसआरएलएम) के अंतर्गत करीब 4500 स्वयं सहायता समूह गठित है। जिससे जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनने में डुटी हुई हैं। सभी समूहों को सक्रिय करने के लिए प्रयास तेज कर दी गयी है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक समूह को गठन के एक माह बाद 15 हजार रूपये बतौर रिवालंविंग फंड दिया जाता है। इसी खाते में समूह की महिलाएं भी थोड़ा थोड़ा बचत कर धन जमा करती रहती हैं। दूसरे महीने में एक लाख दस हजार रूपये बतौर कम्यूनिटी इनवेस्टमेंट फंड ( सीआईएफ) दिया जाता है। जबकि आवश्यक सामग्री जैसे बैठने के दरी, अभिलेख के कागज आदि के लिए डेढ़ हजार की स्टार्टप धनराशि दी जाती है।

समूहों को बैंकिंग सहयोग करती हैं 150 समूह सखी

स्वयं सहायता समूह को बैंकिंग सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जिले में करीब 150 समूह सखी भी कार्यरत है। जिन्हें विभिन्न समूहों पारिश्रमिक दिया जाता है।
बैंकों में समूहों का खाता खोलवाना, समूह के बारे में आवश्यक जानकारी देना, विभिन्न समस्याओं का समाधान कराना समूह सखी का प्रमुख उद्देश्य है।

कितने समूहों ने चुना कौन स्वरोजगार

वर्मी कंपोस्ट -160 समूहों ने
स्कूल ड्रेस सिलाई-102 समूहों ने
माॅस्क बनाना-15 समूहों ने
सेनेटाइजर बनाना- 5 समूहों ने
अगरबत्ती बनाना-10 समूहों ने

कोरोना काल में गठित हुई 861 समूह

परियोजना निदेशक ने बताया कि इस वर्ष कुल 2590 समूहों के गठन का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष 861 समूहों का गठन कर लिया गया है। इनमें से कई समूह सक्रिय भी हो गए हैं।

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