बैंको द्वारा 22 तरीके के शुल्क द्वारा ग्राहकों के साथ लूट के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान

रिजर्व बैंक ऑफ़ इण्डिया और वित्त मंत्री को भेजा गया ज्ञापन  

स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया की कचहरी शाखा के सामने हस्ताक्षर अभियान का संचालन किया गया , पर्चे बांटे गये.

देश इस समय एक गम्भीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है जिसका असर सबसे ज्यादा गरीब , मजदूर , किसान , छात्र , दलित,आदिवासी इत्यादि समाज पर बडे पैमाने पर पड रहा है | देश मे इस अ

स्थिरता का कारण मूल रूप से कार्पोरेट घरानो को बडे पैमाने पर दिये गये ऋणो की वसूली मे सरकार तथा बैंको की नाकामी हैमार्च2018 तककुलसकलगैरनिष्पादितआस्तियांरु।10.35 लाखकरोड़जिसमेंसे85% ऋणकरोड़रुपयेसेअधिककेहैं।कॉर्पोरेटसेऋणकीवसूलीकेलिएकोईईमानदारप्रयासनहींकियाजारहाहै |इसकेअतिरिक्तबैंकोंद्वाराराईट आफ  करने के तहत मार्च 2014 सेदिसंबर 2018  तक भारतीयबैंकोंने रु 555,603 करोड़का लोन माफ़ किया है  उक्त बाते आज बैंको द्वारा विभिन्न प्रकार के चार्ज के खिलाफ कचहरी स्टेट बैंक के सामने हस्ताक्षर अभियान के दौरान सामाजिक कार्यकर्त्री जागृति राही ने कहा. 

इस अवसर पर वल्लभाचार्य पाण्डेय ने  बताया कि भारतीयरिजर्वबैंकऔरबैंकोंकॉरपोरेट 

सेऋणकीवसूलीपरवास्तविकप्रयासकरनेकेबजायगरीबोंकीजेबसेअपनेनुकसानकीभरपाईकेलिएशुल्कबढ़ानेपरजोरदे रहे हैं |  उपलब्ध जानकारी के अनुसार  21सार्वजानिकऔर 3 निजीबैंकोंनेअप्रैल2014 – सितंबर2018 केबीच12,388.56 करोड़रुपये न्यूनतम शेष राशि ना होने पर दंड शुल्क के नाम पर बचतखाताधारकोंसेखातोंमेंवसूले ,सार्वजानिकबैंकोंने2015-2018 केबीचअतरिक्तएटीएमलेनदेनकेरूपमेंRs 4144.99 करोड़बचतखाताधारकोंसेवसूले| स्टेट बैंक आफ इंडिया , बैंक आफ महाराष्ट्र  तथा यूको बैंक ने 1485755 ( चौदह लाख पचासी हजार सात सौ पचपन ) जनधन तथा BSBDA खातो को बचत खातो मे परिवर्तित किया गया है जिसका खामियाजा समाज के अति गरीब /वचित तबको को भुगतना पड रहा है |

सामाजिक कार्यकर्त्ता डा अनूप श्रमिक ने कहा कि  बैंको द्वारा लगाये जा रहे  अनेक शुल्को की सजा उनलोगोंकोसबसे ज्यादा नुकसानपहुंचारहीहैजिन्हेंबैंकिंगसिस्टमकीसबसेज्यादाजरूरतहोतीहै जिससे की वो साहूकारों के चंगुल से बच सकें ।सभीप्रकारकीबैंकिंगसेवाओंपरलगनेवालेशुल्कसीधेतौरपरगरीबऔरनिम्नमध्यमवर्गकेलोगोंको नुकसान पहुंचा रहा है | जिसमे सबसे ज्यादा  असर छात्रोंमजदूरोंकिसानोंमनरेगामजदूरोंपेंशनभोगियोंसामाजिककल्याणयोजनाओंपरनिर्भरलोगोंठेकामजदूरोंसड़कपररहनेवालोंआदिको हो रहा है ।शुल्ककेवलबचतपरअर्जितब्याजकोकमकररहेहैंबल्किदेशकेगरीबऔरसीमांतवर्गोंकेबैंकखातोंसेबचतकोकमकररहेहैं | 

सामाजिक कार्यकर्ता धनंजय त्रिपाठी ने कहा कि भारत में बैंकों ने बैंकिंग सेवाओं पर मौजूदा शुल्कों में वृद्धि की है और उन सेवाओं के लिए नए शुल्क लगाए हैं जो पहले मुफ्त थे। विडंबना यह है की जिन खातों में उच्च राशी रहती है बैंक उन खाता धारकों को मुफ्त बैंकिंग सेवाएं बैंको द्वारा प्रदान की जा रही हैं, जबकि उसी बैंक में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से पैसा वसूला जा रहा हैंबैंक शुल्कों के द्वारा गरीब जनता के पैसों का दोहनसमावेशी और सामाजिक बैंकिंग केअवधारणा के खिलाफ है। गरीबो पर हो रही बैंक शुल्क कि मार एक गंभीर चिंता का विषय हैं | बचत खाता धारको के बड़े हिस्से व कड़ी मेहनत से अर्जित बचत पर बैंक विभिन्न तरीको से हमला कर रहे है जो निम्न है |

न्यूनतम शेष राशि ना होने पर दंड शुल्क

बैंक खाते में नकद जमा करवाने पर शुल्क
बैंक खाते से नकद निकालने पर शुल्क
दूसरे खातों में नकद जमा करवाने पर शुल्क
एटीएम से नकद निकासी पर शुल्क
डेबिट कार्ड जारी करने का शुल्क
डेबिट कार्ड पर लिए जाना वाला वार्षिक शुल्क
एटीएम से बैलेन्स पूछताछ करने पर शुल्क
एटीएम से मिनी स्टेटमेंट निकालने पर शुल्क
शाखा से एटीएम पिन कोड बदलवाने पर शुल्क
खाता बंद करवाने का शुल्क
अपर्याप्त राशि होने के कारण डेबिट कार्ड से लेनदेन ना होने पर
एसएमएस शुल्क

खाताधारक का पता बदलने पर शुल्क
खाते से जुड़े मोबाइल नंबर में बदलाव करने पर शुल्क
केवाईसी संबंधित दस्तावेजों में परिवर्तन करने पर शुल्क
सीडीएम (नकद जमा करने वाली मशीन) में नकद जमा करने पर शुल्क
गंदे कटे-फटे पुरानी मुद्राए नोटों को बदलने पर शुल्क
ऑनलाइन पैसे भेजने के लिए आईएमपीएस शुल्क
रेल टिकट, पेट्रोल ईंधन गैस स्टेशनों के लिए शुल्क
डेबिट कार्ड उपयोग और कुछ बिलों और सरकारी सेवाओं के भुगतान पर अधिभार के रूप में शुल्क
चेक बुक जारी करवाने पर शुल्क
डिमांड ड्राफ्ट बनवाने पर शुल्क
खाते में उपलब्ध राशि का प्रमाण पत्र बनवाने पर शुल्क
हस्ताक्षर सत्यापन करवाने पर शुल्क

सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने बताया मौजूदा समय मे बैंक 20 से ज्यादा सेवाओ पर बैंक शुल्क लेता है ,अपने ही खाते मे पैसा जमा करने एव निकालने के लिये  भी बैंक पैसा लेता है एक तरफ आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है वही दूसरी तरफ बैंक सभी बचत खाता धारको से मिनिमम बैलेन्स रखने का दबाव बना रहा है |

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