आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं अरविंद अकेला कल्लू

मुंबई| भोजपुरी फ़िल्म जगत में ऐसे कम कलाकार ही है जिन्होंने होश संभालते ही लोगो का प्यार पाना शुरू कर दिया था । अपनी गायकी से और अब गायकी के साथ साथ अभिनय से सबका दिल जीतने वाले युवा सुपर स्टार अरविंद अकेला कल्लू उन गिने चुने लोगो मे से एक है , जिनकी शोहरत … आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं अरविंद अकेला कल्लू Read More »

आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं अरविंद अकेला कल्लू

मुंबई| भोजपुरी फ़िल्म जगत में ऐसे कम कलाकार ही है जिन्होंने होश संभालते ही लोगो का प्यार पाना शुरू कर दिया था। अपनी गायकी से और अब गायकी के साथ साथ अभिनय से सबका दिल जीतने वाले युवा सुपर स्टार अरविंद अकेला कल्लू उन गिने चुने लोगो मे से एक है , जिनकी शोहरत की उम्र उनकी उम्र से थोड़ी सी ही कम है । मात्र पांच साल की उम्र में अपने कलाकार पिताजी के साथ मंच शेयर कर अपनी मधुर आवाज से वहाँ मौजूद लोगों की जबरदस्त तालियां बटोरने वाले अरविंद अकेला कल्लू का आज है जन्मदिन। बिहार के बक्सर जिले में एक गाँव ऐसा भी ही जिसका ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व है।

जी हां , अहिरौली गांव वह गांव है जहां श्री राम जी के स्पर्श मात्र से पत्थर बनी माता अहिल्या को मुक्ति मिल गई थी। इसी गांव में एक कलाकार परिवार काशेश्वर चौबे व किरण देवी के घर एक बालक का जन्म हुआ। कल्लू बताते हैं की बचपन मे वे काफी कमजोर थे इसीलिए उन्हें आम बच्चो की तुलना में माता पिता का प्यार कुछ अधिक ही मिला । कल्लू बचपन से ही5 अपने पिताजी के करीब थे। उनके पिताजी खुद एक कलाकार थे और नाटक में अभिनय व निर्देशन की बागडोर संभालते थे। कल्लू उनके साथ नाटक देखने जाया करते थे । छोटी उम्र में ही कल्लू को गुनगुनाते देख उनके पिताजी ने पहली बार 15 अगस्त को गांव में ही आयोजित एक कार्यक्रम में गाना गाने के लिए प्रेरित किया। कल्लू ने गाना गाया और वहां मौजूद लोग झूम उठे ।

पिताजी को एहसास हो गया कि एक और कलाकार ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा ले लिया है। वह दौर अल्बम का था और कल्लू की आवाज की चर्चा दूर दूर तक होने लगी थी , इसीलिए उनके पिताजी कल्लू को पटना ले गए और वहाँ की म्यूजिक कंपनी बी सीरीज के लिए कल्लू का पहला एल्बम गवनमा कहिया ले जइबा खुद प्रोड्यूस किया। इस एल्बम के बाद कल्लू ने पीछे मुड़कर नही देखा। कल्लू की गायकी की चर्चा जब चारो ओर फैलने लगी तो मात्र 12 साल की उम्र में ही उसे पवन सिंह की फ़िल्म गठबंधन प्यार के में एक गाने में रुपहले पर्दे पर आने का मौका मिला।

बतौर बाल कलाकार कल्लू ने उस दौरान निरहुआ और प्रवेश लाल के साथ तू ही मोर बालमा , मनोज तिवारी के साथ भैया हमार दयावान , कलुआ भइल सयान जैसी कई फिल्मों में काम किया। और फिर निर्देशक अरविंद चौबे ने पहली बार अपनी फिल्म दिल भइल दीवाना में बतौर हीरो पर्दे पर उतारा । तभी से लेकर अभी तक कल्लू ने तीस से भी अधिक फिल्मों में अभिनय किया है और हर फिल्म में उनका अलग अलग रूप दर्शकों को देखने को मिला है जिनमे रब्बा इश्क़ न होवे , आवारा बलम , रंग , दिलवर , पत्थर के सनम , राजतिलक सहित कई फिल्मों में कल्लू का अनेक रंग को दर्शकों ने देखा है।